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टेसू-झेंझी विवाह की लोकपरंपरा : लोकाख्यान एवं सांस्कृतिक महत्त्व

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भारतीय लोकसंस्कृति विविध पर्वों, अनुष्ठानों, लोकगीतों और मौखिक आख्यानों के माध्यम से अपनी ऐतिहासिक स्मृति को सुरक्षित रखती आई है। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाला टेसू-झेंझी विवाह इसी लोकसांस्कृतिक परंपरा का एक महत्त्वपूर्ण उदाहरण है। यह परंपरा प्रतीकात्मक विवाह-संस्कार, बाल सहभागिता, सामुदायिक सहयोग, क्षेत्रीय लोकगीतों तथा पौराणिक आख्यानों के समन्वय से निर्मित हुई है। टेसू को वर और झेंझी को वधू के रूप में प्रतिष्ठित करके उनके विवाह का आयोजन किया जाता है। इस परंपरा से संबंधित लोकाख्यानों में टेसू की पहचान महाभारत के बर्बरीक से भी जोड़ी जाती है, यद्यपि इस संबंध की ऐतिहासिक प्रामाणिकता स्थापित करने के लिए स्वतंत्र साक्ष्यों की आवश्यकता है। प्रस्तुत शोध आलेख का उद्देश्य औरैया जिले में प्रचलित टेसू-झेंझी विवाह की लोकपरंपरा के ऐतिहासिक संदर्भों, अनुष्ठानिक स्वरूप, लोकसाहित्यिक अभिव्यक्तियों तथा सामाजिक-सांस्कृतिक महत्त्व का विश्लेषण करना है। साथ ही, बदलते सामाजिक परिवेश में इस परंपरा के संरक्षण की संभावनाओं पर भी विचार किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होत...

सरकारी स्कूल भी अच्छे होते हैं

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आज के समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। कभी शिक्षा को ज्ञान, संस्कार और सामाजिक चेतना का माध्यम माना जाता था, लेकिन अब वह धीरे-धीरे बाज़ार की वस्तु बनती जा रही है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और विविधतापूर्ण राज्य में यह परिवर्तन और अधिक स्पष्ट दिखाई देता है। यहाँ एक ओर निजी विद्यालय अपनी चमक-दमक, आधुनिक संसाधनों और आकर्षक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अभिभावकों को प्रभावित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी विद्यालय अपनी वास्तविक गुणवत्ता के बावजूद उपेक्षा का शिकार होते जा रहे हैं। इन परिस्थितियों में यह प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है कि क्या वास्तव में सरकारी स्कूल अच्छे नहीं रहे या फिर हमारी दृष्टि ही बदल गई है। यदि हम गहराई से देखें तो पाएंगे कि सरकारी विद्यालयों का पतन अचानक नहीं हुआ, बल्कि यह एक लंबी प्रक्रिया का परिणाम है। उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ते दबाव, जनसंख्या की अधिकता और संसाधनों के असमान वितरण ने सरकारी स्कूलों की स्थिति को प्रभावित किया है। कई स्थानों पर विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं—जैसे स्वच्छ शौचालय, पीने का पानी, बिजली व पंखे तथा पर्याप्त कक्...

चिट्ठियां और संवाद

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दौर चिट्ठियों का अब नहीं रहा। अब कोई किसी को चिट्ठी नहीं लिखता, न ही कोई किसी की बातों को अब संजो कर रखता है। समय की गति ने संचार के साधनों को इतना तेज़ बना दिया है कि भावनाएँ भी अब त्वरित हो गई हैं। जहाँ पहले शब्दों को सोच-समझकर कागज़ पर उतारा जाता था, वहीं आज वे उँगलियों के स्पर्श मात्र से स्क्रीन पर आ जाते हैं और उतनी ही जल्दी गायब भी हो जाते हैं।  चिट्ठियाँ केवल संवाद का माध्यम नहीं थीं, वे भावनाओं का संग्रह थीं। उनमें स्याही से अधिक दिल की गहराई होती थी। हर शब्द में प्रतीक्षा का दर्द, मिलन की आशा और अपनेपन की गर्माहट छिपी होती थी। एक चिट्ठी आने में कई दिन लग जाते थे, परन्तु उसके आने की खुशी किसी उत्सव से कम नहीं होती थी। लोग बार-बार उसे पढ़ते, सहेज कर रखते और कभी-कभी तो वर्षों बाद भी उसे खोलकर वही पुरानी अनुभूतियाँ जी लेते थे। आज के समय में संवाद के साधन अत्यंत उन्नत हो गए हैं। मोबाइल फोन, फेसबुक, ईमेल और सोशल मीडिया के अन्य साधनों ने दूरी को समाप्त कर दिया है। अब संदेश भेजने में एक क्षण भी नहीं लगता। परन्तु इस सहजता ने कहीं न कहीं संवाद की गहराई को कम कर दिया है। आज के संदेश ...

हिंदी वर्णमाला में व्यंजन का उच्चारण स्थान ट्रिक सहित

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इसके माध्यम से हम क वर्ग से लेकर प वर्ग तक  के सभी व्यंजनों को KTMDO के द्वारा उनके  उच्चारण स्थान को सरलतापूर्वक याद कर सकते हैं।                   Created by AI @VGM HINDI 1,3, 5 : अल्पप्राण 2,4, ऊष्म (श,स ,ष, ह): महाप्राण,  एवं  1,2 : अघोष ,(श,स ,ष)  3,4,5 : सघोष/घोष स,   

हिंदी की बोलियां और उनका वर्गीकरण ट्रिक सहित

 हिंदी की बोलियां और उनका वर्गीकरण 1. पश्चिमी हिंदी : खड़ी बोली, ब्रजभाषा, बुंदेली, हरियाणवी(बांगरू), कन्नौजी।(K2 B3) 2. पूर्वी हिंदी : अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी।(ABC) 3. राजस्थानी : जयपुरी, मारवाड़ी, मेवाती और मालवी।(JM3) 4. पहाड़ी : गढ़वाली, कुमायुंनी और नेपाली। 5. बिहारी : मैथिली, मगही और भोजपुरी।

जल और पानी में अंतर

 जल हमारी आस्था का परिचायक है, तो पानी आवश्यकता का।

हिंदी गद्य : बी ए हिंदी तृतीय सेमेस्टर 2025-26

 B.A. (Semester-III) (NEP) Examination, 2025-26 HINDI (हिन्दी गद्य) निर्देशः 1. सभी खण्डों से निर्देशानुसार प्रश्नों के उत्तर दीजिए। 2. अभ्यर्थी प्रश्नों के उत्तर क्रमानुसार लिखें। यदि किसी प्रश्न के कई भाग हों, तो उनके उत्तर एक ही तारतम्य में लिखे जाएँ। 3. "बी" कॉपी उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। खण्ड-अ (लघुउत्तरीय प्रश्न) निर्देशः इस खण्ड में नौ प्रश्न हैं। सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 5 अंकों का है। [9x5-45] 1. (i) हिन्दी गद्य साहित्य के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए उनकी विधाओं का उल्लेख कीजिए। (ii) कहानी, उपन्यास एवं निबन्ध विथाओं पर प्रकाश डालिए। (iii) संस्मरण एवं रेखाचित्र में अन्तर स्पष्ट कीजिए। (iv) हमको केवल कर्म का अधिकार है- यह पंक्ति किसकी है? इस पर अपने विचार प्रस्तुत कीजिए। (v) 'झाँसी की रानी' उपन्यास में गंगाधर राव के चरित्र पर प्रकाश डालिए। (vi) 'पंच परमेश्वर' कहानी की तात्विक समीक्षा कीजिए। (vii) 'पाजेब' कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखिए। (viii) "सच है, वीरता जब भागती है, तब उसके पैरों से राजनीतिक दल द्वन्द्व की धूल उड़...

वृहदारण्यक उपनिषद् : प्रमुख सूक्त

 ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं  पूर्णात् पूर्णमुदच्यते   पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते।। © वृहदारण्यक उपनिषद्  अर्थात् : वह (परमात्मा) पूर्ण है, यह(सृष्टि) भी पूर्ण है। पूर्ण में से पूर्ण की उत्पत्ति होती है। पूर्ण में से पूर्ण लेने पर भी पूर्ण ही शेष रहता है।।

मीडिया लेखन : वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार उत्तर प्रदेश के समस्त राज्य विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम के अनुसार (एम.ए. हिंदी) मीडिया लेखन : प्रश्न पत्र (माइनर) 1. ब्राउजर क्या है ? (A) क्लाइंट सॉफ्टवेयर (B) सॉफ्टवेयर (C) फ्लॉपी डिस्क (D) इलेक्ट्रोनिक साफ्टवेयर 2. रेडियो का सम्बन्ध किस वर्ग से है ? (A) प्रिन्ट मीडिया (B) इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (C) वीडियो (D) सी. डी. 3. सूचनाओं का आदान-प्रदान करने वाला साधन कहलाता है- (A) संचार (B) अखबार (C) जनसंचार (D) कोई नहीं 4. इनमें से कौनसा जनसंचार माध्यम नहीं है ? (A) मोबाइल (B) समाचार पत्र (C) रेडियो (D) टी. वी. 5 टी. वी. के न्यूज चैनल की भाषा होती है- (A) साहित्यिक भाषा (B) मानक भाषा (C) आम बोलचाल की भाषा (D) पढ़े-लिखे लोगों की कठिन भाषा 6. आकाशवाणी समाचारों की भाषा पर किसका नियन्त्रण होता है ? (A) जनता (B) संसद (C) प्रसारभारती (D) किसी का नहीं 7. रेडियो विज्ञापनों में सर्वाधिक प्रभाव पड़ता है- (A) भाषा का (B) ध्वनि का (C) शब्द और ध्वनि (D) किसी का नहीं 8. कौनसा गुण टी. वी. विज्ञापन की भाषा का है ? (A) सरलता (B) संक्षिप्तता (C) अटपटापन (D) उपर्युक्त सभी 9....